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28 जुलाई विश्व हेपेटाइटिस दिवस | हेपेटाइटिस से हर 30 सेकेंड में होती है 1 व्यक्ति की मौत

विश्व हेपेटाइटिस दिवस (World Hepatitis Day 2021) हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है, दुनिया को इस वायरल संक्रमण के प्रति जागरूक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा दिशा निर्देश और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, हर 30 सेकेंड में हेपेटाइटिस से एक व्यक्ति की मौत होती है; यानि एक मिनट में 2 व्यक्ति की मौत हेपेटाइटिस के कारण होती है।

अगर आंकड़ों की बात करें तो हर साल 11 लाख लोग हेपेटाइटिस बी और सी के संक्रमण के कारण मर जाते हैं, जबकि 9400000 लोगों को हेपेटाइटिस सी वायरस इनफेक्शन का उपचार मिलता है, वहीं पूरी दुनिया में सिर्फ 42% बच्चों को ही जन्म के दौरान हेपेटाइटिस बी के टीके की खुराक मिल पाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) हर साल 28 जुलाई को "विश्व हेपेटाइटिस दिवस (World Hepatitis Day)" के रूप में मनाया जाता है। यह दिन वायरल हेपेटाइटिस (viral hepatitis) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है, जो लीवर की सूजन और लीवर कैंसर सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है।

हेपेटाइटिस क्या है - Hepatitis Kya Hai in Hindi 

हेपेटाइटिस लीवर में सूजन (Inflammation) को दर्शाता है यह आमतौर पर वायरल संक्रमण (Viral Infections) के कारण होता है लेकिन हेपेटाइटिस के अन्य संभावित कारण भी हैं इनमें ऑटोइम्यून हेपिटाइटिस के अलावा वह हेपेटाइटिस शामिल हैं जो दवाओं विषाक्त पदार्थों और शराब के सेकेंडरी रिजल्ट के रूप में सामने आते हैं ऑटोइम्यून हेपिटाइटिस एक ऐसी बीमारी है तब होती है जब आपका शरीर आपके लीवर के ऊतकों के खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है हेपेटाइटिस आमतौर पर पांच प्रकार के होते हैं जिनमें हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, हेपेटाइटिस डी और हेपेटाइटिस ई शामिल है। लिवर में सूजन लीवर कैंसर (Liver Cancer) जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।

दिन का इतिहास:

28 जुलाई की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि यह नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ बारूक ब्लमबर्ग (Dr Baruch Blumberg) का जन्मदिन है, जिन्होंने हेपेटाइटिस बी वायरस (hepatitis B virus- HBV) की खोज की और वायरस के लिए एक नैदानिक परीक्षण (diagnostic test) और टीका विकसित किया। हेपेटाइटिस वायरस के पांच मुख्य उपभेद हैं - ए, बी, सी, डी और ई (A, B, C, D and E)। साथ में, हेपेटाइटिस बी और सी मौत का सबसे आम कारण हैं, जिसमें हर साल 1.3 मिलियन लोगों की जान जाती है। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:

डब्ल्यूएचओ मुख्यालय: जिनेवा (Geneva), स्विट्जरलैंड (Switzerland); महानिदेशक: टेड्रोस अधानोम (Tedros Adhanom)।

हेपेटाइटिस कितने तरह के होते हैं

उजाला साइनस ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल के डायरेक्टर और फाउंडर डॉ. शुचिन बजाज ने बताया, "भारत में प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं में वायरल हेपेटाइटिस एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। इसके साथ ही हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी क्रोनिक और घातक होते हैं, ये दोनों प्रकार भी भारत में ज़्यादा देखे जाते हैं। हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी दोनों वायरस 20 साल तक निष्क्रिय रह सकते हैं, बिना किसी चेतावनी के ये हालत को बदतर बना सकते हैं और लीवर में सिरोसिस की समस्या पैदा कर सकते हैं।"

हेपेटाइटिस ए- WHO के अनुसार हर साल 14 से ज़्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं। ये दूषित खाने और पानी के ज़रिए फैलता है।

हेपेटाइटिस बी- हेपेटाइटिस बी संक्रमित सुई, ब्लेड, के इस्तेमाल करने से होता है। गर्भावस्था के प्रशव के समय संक्रमित माता से शिशु को हेपेटाइटिस बी हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल किये हुए सामान जैसे दाढ़ी की ब्लेड, टूथब्रश का उपयोग करने से भी हो सकता है।

हेपेटाइटिस सी- यह वायरस संक्रमित खून से फैलकर आपके लिवर को क्षति पहुंचाता है। जो भविष्य में फेलियर या कैंसर की भी वजह बन सकता है।

हेपेटाइटिस डी- यह तभी होता है जब रोगी को बी या सी का संक्रमण हो चुका हो। हेपाटाइटिस-डी वायरस बी पर सवार रह सकते हैं। इसलिए जो लोग हेपेटाइटिस से संक्रमित हो चुके हों, वे हेपाटाइटिस डी से भी संक्रमित हो सकते हैं। इससे स्थिति और नाज़ुक हो जाती है।

हेपेटाइटिस ई- दुनिया के ज्यादातर देशों में हेपेटाइटिस के संक्रमण का यही कारण है। यह दूषित पानी और खाने के कारण ज़्यादा होता है।

हेपेटाइटिस के लक्षण

  • ज़्यादा थकान रहना
  •  मतली/उल्टी 
  • पीलिया 
  • मूत्र का रंग गहरा हो जाना 
  • पेट दर्द और सूजन 
  • भूख कम लगना 
  • वज़न का घटना

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